उत्तराखंड: सुबह होते ही इंडियन एयरफ़ोर्स ने शुरू किया रेस्क्यू मिशन, 150 से ज्यादा लोग लापता हैं

उत्तराखंड के चमोली जिले में कल ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया. अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। पानी के तेज बहाव में कई घरों के बहने की आशंका है। आस-पास के इलाके खाली कराए जा रहे हैं। हरिद्वार तक अलर्ट जारी कर दिया है, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी घटनास्थल का दौरा किया। राहत और बचाव के लिए NDRF, आईटीबीपी और इंडियन एयरफ़ोर्स लगी हैं, कल रात तक रेस्क्यू करने के बाद आज सुबह होते ही भारतीय वायुसेना ने फिर से रेस्क्यू मिशन शुरू कर दिया है.

समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, एयरफोर्स ने जानकारी दी है कि देहरादून से जोशीमठ के लिए एमआई-17 और ALH हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने के साथ हवाई राहत और बचाव अभियान फिर से शुरू हुआ.वहीँ एसडीआरएफ ने चमोली ज़िले में तपोवन बांध के पास की सुरंग में बचाव अभियान शुरू कर दिया।

आईटीबीपी के प्रवक्ता के विवेक कुमार पांडे ने कहा कि हमने दूसरी टनल के लिए सर्च ऑपरेशन तेज़ कर दिया है, वहां क़रीब 30 लोगों के फंसे होने की सूचना है। आईटीबीपी के 300 जवान टनल को क्लियर करने में लगे हैं जिससे लोगों को निकाला जा सके। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक 170 लोग इस आपदा में लापता हैं:

चमोली पुलिस का कहना है कि टनल में फंसे लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्य जारी है। जेसीबी की मदद से टनल के अंदर पहुंच कर रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक कुल 15 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया है और अलग-अलग स्थानों से 14 शव बरामद किए गए हैं..गौरतलब है कि मलबे से बंद टनल बंद हो गयीं है, जिसमें लोग फंसे हैं.

उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक ( डीजीपी ) अशोक कुमार ने कहा, ग्लेशियर टूटने से रैणी पावर प्रोजेक्ट पूरा बह गया और तपोवन भी क्षतिग्रस्त हुआ। पहले प्रोजेक्ट से 32 लोग लापता हैं और दूसरे प्रोजेक्ट से 121 लोग लापता हैं। इनमें से 10 शव बरामद हो गए हैं। तपोवन प्रोजेक्ट में दो टनल थीं, छोटी टनल से कल 12 लोगों को बचाया गया।

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