किसान नेताओं की नौटंकी से तंग आ गए किसान, खाली होने लगा गाजीपुर बॉर्डर, वापसी करने लगे किसान

Credit - hindustan times

केंद्र की मोदी सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि क़ानून के विरोध में हजारों किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर लगभग ढाई महीनें से आंदोलन कर रहे हैं, सरकार और किसानों के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है, आंदोलन अनवरत जारी है, गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड की आड़ में हुई हिंसा के बाद गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की भीड़ लगने लगी थी…लेकिन अब गाजीपुर बोर्डर से किसान घर वापसी करने लगे हैं.

गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। बहुत से किसान वापस अपने गांव जा रहे हैं। बीते महीने जहां हजारों किसान प्रदर्शनस्थलों पर मौजूद थे वहीं, अब इसके आधे भी धरना स्थल पर नहीं दिख रहे हैं। किसानों की घर वापस के पीछे एक बड़ी वजह निकलकर सामने आ रही है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान अब अपने आंदोलन से ज्यादा राजनीति में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं, साजिश रचने वाली दिशा रवि की रिहाई की मांग कर रहे हैं, ये सब किसानों को रास नहीं आ रहा है, शायद यही वजह है कि अब किसान आंदोलन छोड़कर घर जाने लगे हैं, ऐसा ही चलता रहा तो कुछ दिन में मात्र कुछ गिने-चुने किसान नेता ही दिखाई देंगे किसान आंदोलन में।

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