अर्थव्यवस्था की ऐसी की तैसी कर रहे आंदोलनकारी किसान, सिर्फ टोल से रोजाना हो रहा 1.8 करोड़ का नुकसान

कृषि कानून के विरोध में पिछले लगभग ढाई महीनें से पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ किसान संगठन दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, अब ये आंदोलन देश की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा रहा है, बता दें कि आंदोलनकारी किसानों और सरकार के बीच अबतक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है.

किसान आंदोलन की वजह से सरकार को टोल कलेक्शन में काफी नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि किसानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से हर दिन करीब 1.8 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों की वजह से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में कई जगह दिसंबर से टोल कलेक्शन नहीं हो रहा है।

लोकसभा में बीजेपी सांसद पी. सी. गड्डीगोदार ने सरकार से पूछा था कि क्या किसानों के आंदोलन की वजह से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को बड़ी रकम का नुकसान हुआ है? लिखित जवाब में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ”किसानों के आंदोलन की वह से कई टोल प्लाजा का संचालन नहीं हो रहा है। इसलिए NHAI सड़क का प्रयोग करने वालों से शुल्क नहीं ले पा रहा है। पब्लिक फंडेड टोल प्लाजा के मामले में हर दिन करीब 1.8 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

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