उत्तराखंड में कुदरत का कहर, 100-150 लोगों के पानी में बहने की आशंका

उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी पर पावर प्रोजेक्ट के डैम का एक हिस्सा टूट गया है। इससे अलकनंदा नदी में प्रवाह बढ़ गया है। 100-150 लोगों के बहने की आशंका है, उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने समाचार एजेंसी ANI से इसकी पुष्टि की है…

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के संबंध में मैंने CM त्रिवेंद्र सिंह रावत, DG ITBP व DG NDRF से बात की। सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। NDRF की टीमें बचाव कार्य के लिए निकल गयी हैं। देवभूमि को हर संभव मदद दी जाएगी। NDRF की कुछ और टीमें दिल्ली से एयरलिफ्ट करके उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। हम वहां स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। उन्होंने बचाव और राहत कार्य का जायज़ा लिया। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं।

NDRF DG एस.एन.प्रधान, ने कहा कि चमोली और जोशीमठ के आसपास ग्लेशियर फटने से बांध पर असर हुआ है। ग्लेशियर ऋषिगंगा पर आकर गिरा है, बीआरओ द्वारा जो ब्रिज बनाया जा रहा था उस पर भी असर हुआ है। SDRF और ITBP पहले से जोशीमठ में है। हम NDRF की 3-4 टीमों को रवाना कर रहे हैं.

ITBP के प्रवक्ता ने ANI से बात करते हुए कहा कि ITBP को सुबह 10 बजे के पास सूचना मिली थी कि ऋषि गंगा के ऊपर अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और जोरों की आवाज आई। वहां कुछ मजदूर काम कर रहे थे। हम स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं। हमाने 200 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया है। स्थिति नियंत्रण में है.