किसान आंदोलन में किसी भी दिन हिंसा हो सकती है, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने जताई आशंका

कृषि कानून और किसान आंदोलन सम्बंधित दायर सभी याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने आशंका जताई है कि किसान आंदोलन में किसी भी दिन हिंसा हो सकती है. मालूम हो कि कृषि कानूनों के विरोध में हजारों किसान 45 दिनों से ज्यादा समय से दिल्ली की सीमा पर डटे हुए हैं. गतिरोध को खत्म करने के लिए आठ दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कृषि कानूनों के मुद्दे पर कोई नतीजा नहीं निकल सका है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित हो कि प्रदर्शन में कोई हिंसा या ब्लड बॉथ ना हो. CJI ने कहा कि अगर जाने अनजाने में कुछ भी ग़लत होता है तो इसके लिए सभी ज़िम्मेदार होंगे. किसी भी क्षण छोटी-सी चिंगारी से हिंसा भड़क सकती है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बोबडे ने कहा कि हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं. विरोध जारी रह सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या विरोध इसी जगह पर होना चाहिए? हमें लगता है कि जिस तरह से धरना प्रदर्शन पर हरकतें ( ढोल नगाड़ा आदि) हो रही है उसे देख कर लगता है एक दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कुछ घटित हो सकता है. हम नहीं चाहते कि कोई घायल हो।

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