नई संसद बनने का रास्ता साफ, सुप्रीम कोर्ट ने दी ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ को मंजूरी!

नई संसद भवन निर्माण का रास्ता अब पूरी तरफ से साफ़ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, आपको बता दें कि ‘सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट’ के तहत नए संसद भवन का निर्माण किया जाना है. इसमें 876 सीट वाली लोकसभा, 400 सीट वाली राज्यसभा और 1224 सीट वाला सेंट्रल हॉल बनाया जाएगा। इससे संसद की संयुक्त बैठक के दौरान सदस्यों को अलग से कुर्सी लगा कर बैठाने की ज़रूरत खत्म हो जाएगी।

सेंट्रल विस्टा में एक दूसरे से जुड़ी 10 इमारतों में 51 मंत्रालय बनाए जाएंगे. अभी यह मंत्रालय एक-दूसरे से दूर 47 इमारतों से चल रहे हैं…राष्ट्रपति भवन के नज़दीक प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के लिए नया निवास भी बनाया जाएगा. अभी दोनों के निवास स्थान राष्ट्रपति भवन से दूर हैं।

केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कई लोगों ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, इन याचिकाओं में कहा गया है कि बिना उचित कानून पारित किए इस परियोजना को शुरू किया गया. इसके लिए पर्यावरण मंजूरी लेने की प्रक्रिया में भी कमियां हैं. हजारों करोड़ रुपये की यह योजना सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी है।

याचिकाओं के जवाब में सरकार ने कहा है कि मौजूदा संसद भवन और मंत्रालय बदलती जरूरतों के हिसाब से अपर्याप्त साबित हो रहे हैं. नए सेंट्रल विस्टा का निर्माण करते हुए न सिर्फ पर्यावरण का ध्यान रखा जाएगा, बल्कि हेरिटेज इमारतों को नुकसान भी नहीं पहुंचाया जाएगा। आपको बता दें कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमिपूजन करके नए संसद भवन का शिलान्यास किया था।