सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के सदस्यों पर कांग्रेस और राकेश टिकैत ने जताया एतराज!

कृषि कानून और किसान आंदोलन सम्बंधित सभी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानून को लागू करने पर रोक लगा दी और एक सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इस कमेटी में जो सदस्य हैं उसपर कांग्रेस और राकेश टिकैत ने एतराज जताया है, राकेश टिकैत का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी के तीन सदस्य तो पहले कृषि कानूनों और खुले बाज़ार के पक्ष में हैं. ये सदस्य पहले भी कृषि कानूनों के पक्ष में बयान देते रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से निराश है. राकेश टिकैत ने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित कमेटी के सभी सदस्य खुली बाजार व्यवस्था या कानून के समर्थक रहे हैं. अशोक गुलाटी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने ही इन कानून को लाये जाने की सिफारिश की थी. देश का किसान इस फैसले से निराश है. कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों, तभी आंदोलन रोकेंगे। वहीँ कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि हमें कमेटी पर विश्वास नहीं है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जो चार सदस्यीय कमेटी गठित की है,उसमें भूपिंदर सिंह मान (अध्यक्ष बेकीयू), डॉ प्रमोद कुमार जोशी (अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान), अशोक गुलाटी (कृषि अर्थशास्त्री) और अनिल घनवट (शिवकेरी संगठन, महाराष्ट्र) शामिल हैं। जबतक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती है तबतक कृषि कानूनों के अमल पर रोक जारी रहेगी।