हनुमान मंदिर गए अखिलेश यादव कर बैठे 3 बड़ी गलती, जमकर हो रही है भद्दगी?

समय के साथ-साथ भारतीय राजनीति में भी तेजी से परिवर्तन होता जा रहा है, पहले सिर्फ अल्पसंख्यकों को ही महत्त्व देने वाले नेता अब बहुसंख्यकों की तरफ भी ध्यान देने लगे हैं, सिर्फ रोजा और इफ्तार को ही सबकुछ समझने वाले नेता अब मंदिर का भी महत्त्व समझने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पिछले कई दिनों से न सिर्फ मंदिरों के दौरे कर रहे हैं बल्कि साधू-संतों को भी अपनी पार्टी में शामिल करवा रहे हैं..

चित्रकूट प्रवास के दूसरे दिन अखिलेश यादव हनुमान मंदिर गए, इससे पहले भगवान कामतानाथ की शरण में पहुंचे, इस दौरान अखिलेश यादव कई गलतियाँ कर बैठे, भगवान कामतानाथ की शरण में पहुंचे अखिलेश यादव ने पूजा अर्चना करके विजिटर बुक पर अंग्रेजी में लिखा, कामतानाथ की कृपा हो, विजिटर बुक में अंग्रेजी में लिखने पर कामदगिरि प्रमुख द्वार के अधिकारी मदनगोपाल ने टोंका तो अखिलेश ने फिर हिंदा में लिखा। यही नहीं अखिलेश परिक्रमा करना भी भूल गए थे, उनके कहने पर ही कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।

हद तो तब हो गई जब हनुमान मंदिर पहुंचे अखिलेश यादव घंटा भी न बजा पाए. अखिलेश यादव वरहा हनुमान मंदिर के पास घंटा बजानें के लिए उछले लेकिन वो घंटा बजा नहीं सके. मंदिर में अखिलेश यादव द्वारा की गई इस गलती के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है..सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल ने कहा कि जिनका जीवन अजान-इफ्तार में बीता हो वो कभी शंख क्या बजा पाएंगे, हनुमान जी ऐसे ढोंगियों को समझते हैं।

इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, आज कामदगिरि की परिक्रमा और साधु-संतों के आशीर्वाद का परम सौभाग्य मिला। पूर्व सीएम ने कहा कि चित्रकूट-निवासियों ने बताया कि उन्हें 2022 में सपा की सरकार के फिर से आने की प्रतीक्षा है जिससे विकास का काम आगे बढ़ सके क्योंकि जो काम हुआ है वो सपा काल का है। भाजपा सरकार में चित्रकूट को कुछ नहीं मिला।

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