वेब सीरीज ‘ताँडव’ में शिव के अपमान पर शिवसेना की जुबान बन्द क्यों? सोशल मीडिया पर उठा सवाल

तांडव वेब सीरीज को लेकर उपजे विवाद के बीच यूपी पुलिस केस दर्ज करके आगे की कार्यवाही के लिए मुंबई पहुँच चुकी है, परन्तु अभी तक मुंबई पुलिस ने तांडव के निर्माता-निर्देशकों पर कोई एक्शन नहीं लिया है, यही नहीं! शिवसेना भी इस मामलें पर खामोश है, शिवसेना की चुप्पी पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं, लोगों का कहना है कि वेब सीरीज तांडव में भगवान शिव का अपमान हुआ है, इसके बावजूद शिवसेना की जुबान बंद क्यों है, ध्यान दिला दें कि एनसीपी और कांग्रेस के साथ महाराष्ट्र में शिवसेना की सरकार चल रही है.

भाजपा विधायक रमकदम ने आरोप लगाया है कि वो तांडव टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना चाहते हैं लेकिन एफआईआआर दर्ज नहीं हो रही है, पिछले चार दिनों से एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन का चक्कर काट रहे राम कदम ने ट्वीट कर कहा- आज यदि महाराष्ट्र सरकार ने #tandavwebseries के खिलाफ FIR दर्ज नही किया. तो मजबूरन हमे मंत्रालय के सामने रामभक्तों और शिवभक्तों के साथ प्रखंर धरणा करना होगा. हम रुकेंगे नहीं. अब तो रण हो के ही रहेगा। हिन्दू समाज को हल्के में लेने वालों फिल्म जगत के बदमाशों #Tandav तो अब हम करेंगे। राम कदम ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 4 दिन बीत जाने के बाद भी महाराष्ट्र सरकार ने FIR नहीं लिया यह दर्शाता है इन्हें #tandavwebseries के बदमाशों को बचाना है. पर हमारा तांडव थमेगा नहीं, उद्भवू सरकार को हम मजबूर करेंगे की वे इन्ह नालायक लोगों को दंड करे।

मिली जानकारी के मुताबिक़, तांडव वेब सीरीज में दलितों का भयानक अपमान किया गया है, हिन्दू और मुसलमान को लड़ाने और भड़काने वाली बातें की गयी हैं. बहुसंख्यक हिन्दू धर्म का अपमान बार-बार करने की कोशिश की गई हैं तांडव वेब सीरीज में…पुलिस अधिकारीयों का अपमान करने की कोशिश की गई है…ये एक जहर से भरी हुई वेब सीरीज है. जो इस देश में अव्यवस्था फैलाना चाहती है. इस वेब सीरीज में ऐसा कंटेंट जानबूझकर डाला गया है ताकि जातिगत हिंसा और धार्मिक हिंसा को बढ़ावा दे। इस वेब सीरीज के रिलीज होने के बाद लोग इसे बैन करने की मांग कर रहे हैं, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या तांडव बैन होगी या माफीनामें से ही काम चल जाएगा।

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