किसान आंदोलन में पड़ी फूट, एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोलने लगे गुरनाम चढ़ूनी और शिवकुमार कक्का

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले लगभग 55 दिनों से हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच अबतक नौ राउंड की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है, अब इस आंदोलन में फ़ूट पड़ती हुई दिखाई दे रही है, जी हाँ! संयुक्त किसान मोर्चा और हरियाणा के बड़े किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी आमने सामने-सामने आ गए हैं, किसान मोर्चा चढ़ूनी को सस्पेंड करने की तैयारी कर रहा है.

दरअसल मामला यह है कि किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की ओर दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में एक बैठक बुलाई गई थी, इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, उदित राज समेत कई अन्य राजनैतिक पार्टियों के नेता शामिल थे, एबीपी न्यूज़ के मुताबिक, चढ़ूनी पर आरोप है कि उन्होंने किसान आंदोलन में राजनीतिक दलों का समर्थन मांगा, इससे संयुक्त किसान मोर्चा नाराज़ है. संयुक्त किसान मोर्चा ने चढ़ूनी के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एक कमेटी बना दी है.

मामला तूल पकड़ने के बाद गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसान आंदोलन में शामिल मध्य प्रदेश के किसान नेता शिव कुमार कक्का को आरएसएस का एजेंट बता दिया है. चढ़ूनी ने कहा, ‘इस तरह की बातें अफवाह हैं, आंदोलन गैरराजनीतिक रहेगा। साथ ही चढूनी ने यह भी कहा कि अगर संयुक्त किसान मोर्चा की कमिटी बुलाएगी तो अपनी बात रखूंगा।

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