10 साल राज करके नहीं ला सकी बंगाल का गौरव, ममता बोलीं, बंगाल का गौरव फिर से वापस लाना है

पश्चिम बंगाल में पिछले 10 सालों से तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) की सरकार है और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री हैं, लेकिन अभी तक बंगाल का गौरव नहीं ला पाई हैं, ये हम नहीं बल्कि ममता बनर्जी ने खुद कहा, ममता ने शनिवार को कहा कि बंगाल का गौरव फिर से वापस लाना है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर श्याम बाज़ार से रेड रोड तक मार्च करने के बाद लोगों को सम्बोधित करते हुए ममता बनर्जी ने यह बातें कही.

उल्लेखनीय है की कुछ ही महीनों बाद पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, एक तरफ जहाँ ममता बनर्जी सत्ता में बने रहने के लिए जमकर पसीनें बहा रही हैं तो वहीं भाजपा भी ममता सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए जमकर मशक्कत कर रही है, नेताजी के 125वीं जयन्ती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र भी बंगाल दौरे पर हैं. नेताजी शुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयन्ती को ममता बनर्जी देशनायक दिवस के रूप में मना रही हैं तो वहीँ भाजपा पराक्रम दिवस के रूप में मना रही है..भाजपा को बाहरी बताते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के लोग बंगाल की भावना को नहीं समझ पाएंगे।

पूरा देश आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है. इसी कड़ी में देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं…चुनाव के समय अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी नेता जी याद आएं हैं, नेताजी के सम्मान में ममता ने न सिर्फ बंगाल में उनके पोस्टर लगवा दिए हैं बल्कि सुभाष चंद्र बोस की जंयती पर राष्ट्रीय अवकाश की मांग की है, नेताजी की जयन्ती हर साल आती है लेकिन नेताजी के प्रति ममता के दिल में प्रेम प्रेम इसी साल जागा है, क्योंकि कुछ ही महीनों बाद पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हैं.

टीएमसी की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए एक भव्य जुलूस की शुरुआत की. इससे पहले बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार से 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की अपील की।

loading...