ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे किसानों ने रिपब्लिक की महिला पत्रकार को लिंच करने की कोशिश की

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीनों नए कृषि कानून के विरोध में हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पर लगभग 42 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं…कृषि कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े किसानों ने 7 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर मार्च निकाला, इस दौरान किसानों की भीड़ ने रिपब्लिक भारत की महिला पत्रकार शिखा शर्मा और उनके कैमरापर्सन को विरोध के नाम पर मारने की कोशिश की, इसकी जानकारी खुद शिखा शर्मा ने ट्वीट करके दी है।

रिपब्लिक भारत की पत्रकार शिखा शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि आंदोलन नहीं गुंडागर्दी हो रही है, पूरा देश देख ले ट्रैक्टर मार्च में गए मैं और कैमरापर्सन को विरोध के नाम पर मारने और #molest करने की कोशिश कर रही थी ये 500 लोगों की भीड़, उन्होंने लिखा, किसी तरह ज़िंदा बचे, जवाब दीजिए क्या ये किसान हैं…हालंकि पत्रकारों पर हमला/हमला करने की कोशिश का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई न्यूज़ चैनलों के साथ आंदोलनकारी किसान बदतमीजी कर चुके हैं.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ट्रैक्टर रैली 26 जनवरी की तैयारी है. हमारा रूट यहां से डासना है उसके बाद अलीगढ़ रोड पर हम रुकेंगे वहां लंगर होगा फिर वहां से हम वापस आएंगे और नोएडा वाले ट्रैक्टर पलवल तक जाएंगे। हम सरकार को समझाने के लिए ये कर रहे हैं…मालूम हो कि केंद्र सरकार और आंदोलनकारी किसानों के बीच अबतक 8 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है…अब अगले दौर की बातचीत 8 जनवरी को होगी।

इससे पहले सातवें दौर की बातचीत में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि कृषि कानून किसी भी कीमत पर रद्द नहीं होगा, चाहे तो सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं…यह बातें किसान मजदूर संघर्ष समिति के सरवन सिंह पंधेर ने बाहर मीडिया को बताई थी।