किसी भी वक्त गाजीपुर बॉर्डर से खदेड़े जा सकते हैं किसान, पुलिस और बस तैनात, अगला नंबर सिंघु बॉर्डर का

कृषि कानून के विरोध में गणतंत्र दिवस के दिन किसान के वेश में छुपे दंगाइयों ने पूरी दिल्ली में जमकर आतंक मचाया, दंगाइयों ने लालकिले पर अपना झंडा फहरा दिया, उपद्रवियों द्वारा मचाये गए आतंक से पूरी दिल्ली सहम गई है, अब खबर मिल रही है कि दिल्ली पुलिस जल्द ही एक-एक करके सभी बॉर्डर से किसानों को हटाने की कार्यवाही शुरू करेगी।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस सबसे पहले गाजीपुर बॉर्डर खाली कराएगी, उसका बाद सिंघु बॉर्डर खाली कराएगी, उसके बाद टिकरी बॉर्डर का नंबर लग सकता है, ताजा जानकारी के मुताबिक, गाजीपुर बॉर्डर से किसानों को हटाने की तैयारी पूरी है, भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है, साथ यूपी परिवहन की बसें भी मंगा ली गयी हैं। ताकि इन बसों में भरकर किसानों को उनके गंतव्य पर भेजा जा सके.

आपको बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर पर ज्यादातर उत्तर प्रदेश के किसान बैठे हैं, राकेश टिकैत का भी डेरा यहीं लगा है, मुमकिन है कि दिल्ली पुलिस राकेश टिकैत को गिरफ्तार कर ले, क्योंकि उनपर 307 समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज है..टिकैत का एक वीडियो शोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो किसानों को भड़काते हुए नजर आ रहे हैं.

दिल्ली पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को नोटिस जारी करते हुए पूछा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली को लेकर पुलिस के साथ हुए समझौते को तोड़ने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों न की जाए.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है, अगर अपराध सिद्ध हुआ तो राकेश टिकैट को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है…मिली जानकारी के मुताबिक़, राकेश टिकैत के खिलाफ 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा करने की सजा) और 353 (सार्वजनिक कर्तव्य को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए आपराधिक बल) सहित कई आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। आईपीसी की धारा 307 में दोषी पाए जाने पर कठोर सजा का प्रावधान है. आम तौर पर ऐसे मामलों में दोषी को 10 साल तक की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।