किसान दंगाइयों पर भड़क उठी मायावती, केंद्र सरकार से बोलीं- इन सबका सही इलाज होना चाहिए

कृषि कानून के विरोध में गणतंत्र दिवस के दिन किसान के वेश में छुपे दंगाइयों ने पूरी दिल्ली में जमकर आतंक मचाया, दंगाइयों ने लालकिले पर अपना झंडा फहरा दिया, इसके बाद तलवार लिए दंगाई काफी देर तक लालकिले पर उपद्रव करते रहे, काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने लालकिले को अन्नदाताओं से मुक्त कराया। किसानों द्वारा किये गए इस उपद्रव के बाद हर देशभक्त का खून खौल रहा है.

बसपा सुप्रीमों मायावती ने दिल्ली में हुए उपद्रव की कड़ी निंदा की है और इसको दुर्भाग्यपूर्ण बताया है! बीएसपी मायावती ने एक के बाद एक दो ट्वीट करके अपनी बातों को सामने रखा है जिसमें उन्होंने लिखा, देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह कतई भी नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए। यानि उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने एक दूसरे ट्वीट में लिखा, बी.एस.पी. की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।

उपद्रवियों ने दिल्ली समेत लाल किले पर कैसे आतंक मचाया उसका आँखों देखा हाल SHO बलजीत सिंह और DCP संदीप ने बताया है, किसानों के हमले में घायल हुए मोहन गॉर्डन के SHO बलजीत सिंह ने बताया, ‘नजफगढ़ रोड पर हमने बैरिकेड से रास्ता रोका था। किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर नजफगढ़ की तरफ से आए। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। वे बहुत हिंसक थे और उनके पास हर तरह के हथियार थे। कई ने शराब भी पी थी.

किसानों के हमले में घायल हुए DCP उत्तर के ऑपरेटर संदीप ने बताया, ‘हम लाल किले पर गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर थे। वहां एक उग्र भींड आई और उन्होंने अचानक लाठी-डंडे और जो भी हथियार उनके पास थे उनसे हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को बहुत मशक्कत करनी पड़ी।

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