‘जय श्री राम’ के नारे से सिर्फ ममता ही नहीं भड़कीं, बल्कि कांग्रेस और सपा को भी मिर्ची लगी

जिस देश के गांवों मे आज भी हिंदू मुसलमान समेत सभी एक दूसरे से मिलने पर राम राम जी बोलते हों, उस देश में कुछ राजनैतिक पार्टी के नेता ‘जय श्री राम’ के नारे सुनकर अपनी बेइज्जती महसूस करते हैं, इस कड़ी में सबसे पहला नाम है ममता बनर्जी का, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, कांग्रेस और सपा समेत कई अन्य पार्टियों में भी कुछ ऐसे नेता हैं जो ‘जय श्री राम’ का नारा सुनकर आगबबूला हो जाते हैं, जी हाँ!

गौरतलब है कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती है, इस मौके पर तमाम जगहों पर लोग उनकी याद में कुछ ना कुछ कार्यक्रम करने वाले हैं। ये कार्यक्रम राजनीतिक नजरिए से भी बेहद अहम हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं। नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयन्ती पर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में ‘विक्टोरिया मेमोरियल’ के कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थी.

ममता बनर्जी को जब बोलने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे के नारे लगा दिए, जय श्री राम का नारा सुनकर ममता बनर्जी भड़क गई और मंच पर भाषण देने से इनकार कर दिया और कहा कि किसी को बुलाकर बेइज्जत करना ठीक नहीं है. ममता ने कहा- मैं कुछ नहीं कहूंगी, किसी को बुलाकर उसकी बेइज़्ज़ती करना ठीक नहीं। जय हिन्द और जय बाँग्ला कहकर ममता बनर्जी मंच से नीचे चली आई.

‘जय श्री राम’ का नारा सुनकर ममता बनर्जी के भड़कने के बाद अब सपा और कांग्रेस ने भी सुर में सुर मिलाया है ट्विटर के जरिये, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा- अरे मूर्खों! प्रभु श्री राम ‘मर्यादा’ के प्रतीक हैं, उनके जयकारे का उपयोग उपद्रव के लिए कर उनका अपमान मत करो। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, आज बंगाल में ‘भारत माता की जय’ क्यों नहीं बोले प्रधानमंत्री? क्या राज्य देख कर भारत माता का नारा लगेगा?

वहीँ कांग्रेस नेता अलका लाम्बा ने अपने ट्वीट में लिखा, अब कहें तो क्या कहें … किसी प्रधानमंत्री का ऐसा अपमान पहले कभी ना देखा होगा। उम्मीद है सबक लेंगें और सरकारी कार्यक्रमों को राजनीति से दूर रखेगें।