अफवाह फ़ैलाने वाले राजदीप सरदेसाई पर हुई कड़ी कार्यवाही, एक महीनें की सैलरी भी काटी गई!

तथाकथित किसान आंदोलन के दौरान फेक ट्वीट कर अफवाह फैलाने वाले इण्डिया टुडे के पत्रकार राजदीप सरदेसाई पर कड़ी कार्यवाही हुई है, ऑपइण्डिया के मुताबिक, इंडिया टुडे ने न सिर्फ राजदीप की एक महीनें की सैलरी काटी है बल्कि उन्हें ऑफ एयर कर दिया है, यानि टीवी पर नहीं दिखेंगे। जानकारी के मुताबिक सरदेसाई पर यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर उनके कुछ पोस्ट्स को लेकर की गई है।

कथिततौर पर राजदीप के ट्विट्स राष्ट्रपति रमानाथ कोविंद व 26 जनवरी के दिन मारे गए किसान से संबंधित थे। उन पर फर्जी खबर फैलाने का भी आरोप है। प्रबंधन ने राजदीप के ट्वीट्स को ग्रुप की सोशल मीडिया पॉलिसी से अलग माना है। इसीलिए अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें 2 हफ़्ते के लिए ऑफ़ एयर कर दिया। साथ ही 1 महीने सैलरी न देने का निर्णय लिया।

गणतंत्र दिवस की सुबह से ही किसानों के प्रदर्शन के बीच, दिल्ली के DDU मार्ग पर एक व्यक्ति की ट्रैक्टर पलटने के कारण मौत हो गई थी। जिसे लेकर ‘इंडिया टुडे’ के पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक और फेक न्यूज़ फैला दी और पोल खुलने पर अपना ट्वीट चुपके से डिलीट भी कर दिया।

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है। राजदीप ने ट्विटर पर लिखा, “पुलिस फायरिंग में आईटीओ पर 45 साल के नवनीत की मौत हो गई है। किसानों ने मुझे बताया कि उसका ‘बलिदान’ व्यर्थ नहीं जाएगा। लेकिन हकीकत ये है कि ट्रैक्टर रैली और उपद्रव के दौरान जिस व्यक्ति की मौत हुई, वह पुलिस फायरिंग में नहीं, बल्कि ट्रैक्टर पलटने से मारा गया था। तेज रफ़्तार से ट्रेक्टर चला रहा था.