अब कृषि कानून विरोधी कहेंगे मोदी ने IMF को भी खरीद लिया, पढ़ें क्यों?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) को भी खरीद लिया है, ऐसा हम नहीं बल्कि कृषि कानून का विरोध करने वाले लोग सोंच रहे होंगे, उल्लेखनीय है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प पीएम मोदी की तारीफ करते हैं तो देश में एक धड़ा ऐसा है जो कहता है कि मोदी ने ट्रम्प को खरीद लिया। अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) कोरोना से लड़ाई में पीएम मोदी की तारीफ करता है तो फ़ौरन ये धड़ा कहता है कि मोदी ने WHO को खरीद लिया, हो सकता है ये धड़ा अब यही सोंच रहा हो कि मोदी ने IMF को खरीद लिया है।

International Monetary Fund ( IMF ) का मानना है कि तीनों हालिया कानून भारत में कृषि सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है, आईएमएफ के एक प्रवक्ता गेरी राइस ने वाशिंगटन में कहा कि नए कानून बिचौलियों की भूमिका को कम करेंगे और दक्षता बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा, हमारा मानना है कि इन तीनों कानूनों में भारत में कृषि सुधारों को आगे बढ़ाए जाने का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है।

राइस ने कहा, ”ये कानून किसानों को खरीदारों से प्रत्यक्ष संबंध बनाने का मौका देंगे. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, दक्षता बढ़ेगी, जो किसानों को अपनी उपजी की बेहतर कीमत हासिल करने में मदद करेगा और अंतत: ग्रामीण क्षेत्र की वृद्धि को बल देगा।

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