हुकुमदेव नारायण यादव ने खोलकर रख दी कथित किसान आंदोलन की पोल, कहा- ये चीन का रास्ता अपना रहे हैं

कृषि कानून के विरोध में पिछले लगभग 45 दिनों से हजारों किसान दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, किसान और सरकार के बीच अबतक आठ दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है, कथित आंदोलन के दौरान किसान नया-नया प्रयोग भी कर रहे हैं, एक दिन की भूख हड़ताल और एक दिन भारत बंद कर चुके किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान किया है, आंदोलनकारी किसानों के इस प्रयोग की खिलाफत करते हुए भाजपा नेता हुकुमदेव नारायण यादव ने जोरदार हमला बोला है।

हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा कि हजारों नौजवान आजादी की लड़ाई में हँसते-हँसते फांसी पर चढ़ गए, आज उसी गणतंत्र दिवस के अवसर पर अवरोध पैदा करे. विरोध करे अर्थात वो ( आंदोलनकारी किसान ) न हिंदुस्तान के गणतंत्र दिवस को मानते हैं, न हिंदुस्तान के स्वाधीनता दिवस को मानते हैं, न हिंदुस्तान के संविधान को मानते हैं, न संसद को मानते हैं और न ही सुप्रीम कोर्ट को मानते हैं. हुकुम देव ने आगे कहा कि इसका मतलब-मतलब, सीधे-सीधे जो नक्सली कहते हैं कि हम किसी को नहीं मानते, हम तो सिर्फ हथियार को मानते हैं, ये चीन का रास्ता है, अपनी बात को मजबूती देते हुए हुकुमदेव ने पवित्र हिन्दू ग्रन्थ गीता का श्लोक भी सुनाया।

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भव- ति भारत ।
अभ्युत्थान- मधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्-
परित्राणाय- साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्- ।
धर्मसंस्था- पनार्थाय सम्भवामि युगे युगे

आपको बता दें कि दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने का ऐलान किया है, हरियाणा बीकेयू के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा “हमारी रणनीति के अनुसार, अपने ट्रैक्टर के साथ सभी किसान भाइयों को 24 जनवरी तक दिल्ली की सीमा तक पहुंचना चाहिए। हम 26 जनवरी को दिल्ली में प्रवेश करेंगे, भले ही पुलिस काउपयोग करें या गोलियां का। हम दिल्ली में प्रवेश करने के लिए उनके सभी (पुलिस) बैरिकेड तोड़ देंगे।