हिन्दू कभी राष्ट्रविरोधी नहीं हो सकता, जो हिन्दू है वो देशभक्त होगा ही: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति हिन्दू है तो वह अपने आप ही देशभक्त होगा, क्योंकि यह उसका बुनियादी चरित्र और प्रकृति है। संघ प्रमुख ने यह बात महात्मा गांधी की उस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कही जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी देशभक्ति की उत्पत्ति उनके धर्म से हुई है। 1 जनवरी 2021 को एक किताब के विमोचन के मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि, महात्मा गांधी शायद हमारे समय के सबसे बड़े हिंदू देशभक्त थे।

जेके बजाज और एम डी श्रीनिवास द्वारा लिखित पुस्तक ‘मेकिंग आफ ए हिन्दू पैट्रियट: बैकग्राउंड आफ गांधीजी हिन्द स्वराज’ का लोकार्पण करते हुए मोहन भागवत ने यह बात कही। भागवत ने कहा कि किताब के नाम और मेरा उसका विमोचन करने से अटकलें लग सकती हैं कि यह गांधी जी को अपने हिसाब से परिभाषित करने की कोशिश है।

मोहन भागवत ने कहा कि, गांधी जी ने कहा था कि मेरी देशभक्ति मेरे धर्म से निकली है। तो हिन्दू पेट्रियट यानी हिन्दू है तो देशभक्त होना ही पड़ेगा। वो उसकी प्रकृति में है, 1,000 पन्नों से अधिक की पुस्तक गांधी जी द्वारा 1891 से 1909 के बीच खुद के द्वारा लिखे गए लेखों पर आधारित है।

भागवत ने कहा कि अलग होने का मतलब यह नहीं है कि हम एक समाज, एक धरती के पुत्र बनकर नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि एकता में अनेकता, अनेकता में एकता यही भारत की मूल सोच है।