किसान और सरकार के बीच 10वें दौर की बातचीत ख़त्म, सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीन नए कृषि कानून के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर हजारों किसान लगभग 58 दिन से आंदोलन कर रहे हैं. आंदोलनकारी किसानों की मांग है कि कृषि कानून को रद्द किया जाय क्योंकि ये किसान विरोधी है..वहीँ केंद्र सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में है…किसानों और सरकार के बीच हुई नौ दौर की बातचीत में कोई हल न निकलने के बाद आज ( 20 जनवरी, 2021 ) को दसवें दौर की बातचीत हुई.

दिल्ली के विज्ञान भवन में दसवें दौर में लगभग 3 घंटे चली मैराथन बातचीत के बावजूद कोई हल नहीं निकल सका, बातचीत के दौरान किसान कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग पर अड़े रहे, इसलिए कोई नतीजा नहीं निकल सका।

सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सरकार ने सहमति बनने तक कृषि कानूनों के निलंबन का प्रस्ताव दिया है। इसको लेकर किसान आपस में बात कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने कृषि कानूनों पर क्लॉज वार चर्चा करने के लिए किसान यूनियनों से किसानों और सरकार के प्रतिनिधित्व वाली एक कमेटी बनाने को कहा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी है। सरकार ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह कानूनों को लागू करने पर एक साल तक इंतजार कर सकती है।

loading...