मुंगेर में हुई बर्बरता को भूली बिहार सरकार, JDU अध्यक्ष की बेटी लिपि सिंह का हुआ प्रमोशन

अक्टूबर, 2020 में बिहार के मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बवाल हो गया था, खबरों के मुताबिक, लाठीचार्ज और फायरिंग में एक नौजवान अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी. जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए, ये घटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से कुछ घंटों पहले घटी थी।

हिन्दुओं पर हुई फायरिंग के बाद देशभर में गुस्सा था, पुलिस-प्रसाशन के इस बर्बरतापूर्ण रवैये से लोगों में काफी गुस्सा है…इस वीभत्स घटना के बाद जिले की एसपी लिपि सिंह ने दावा किया था कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की थी जबकि CISF ने एक रिपोर्ट सौंपी है, इस रिपोर्ट के मुताबिक, युवक की मौत पुलिस की फायरिंग से हुई थी। जबकि एसपी लिपि सिंह ने दावा किया था कि पुलिस ने फायरिंग ही नहीं की थी…मामला तूल पकड़ने के बाद चुनाव आयोग ने लिपि सिंह को हटा दिया था…लिपि सिंह को अब बिहार सरकार ने न सिर्फ सहरसा की एसपी भी बना दिया, बल्कि तोहफे में प्रमोशन भी दे दिया।

लिपि सिंह 2016 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. सुशांत केस में चर्चा में आये 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी समेत कई आईपीएस अफसरों को पदोन्नति मिली।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुराग पोद्दार के पिता के बयान को आधार बनाते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि पुलिस की चलाई गोली से उनके बेटे की हत्या हुई। लोग लगातार लिपि सिंह समेत सभी दोषियों पर कार्यवाही की मांग कर रहे थे, लेकिन अभी तक किसी पर कोई कठोर कार्यवाही नहीं हुई। न आगे कोई संभावना ही है।

मुंगेर गोलीकांड के बाद लिपि सिंह को सोशल मीडिया ने ‘जनरल डायर‘ का नया नाम दिया था, आपको बता दें कि लिपि सिंह राजनितिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं, हाल ही में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने आरसीपी सिंह की बेटी हैं लिपि सिंह। राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह सीएम नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं। गृह विभाग भी जदयू के पास ही है।