उपद्रवी अन्नदाताओं के हमलें में घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों से अस्पताल में मिले अमित शाह

कृषि कानून के विरोध में गणतंत्र दिवस के दिन किसान के वेश में छुपे दंगाइयों ने पूरी दिल्ली में जमकर आतंक मचाया, दंगाइयों ने लालकिले पर अपना झंडा फहरा दिया, यही नहीं उपद्रवी अन्नदाताओं ने दिल्ली पुलिस पर बेरहमी से हमलें भी किये, जिसमें 300 से ज्यादा पुलिसकर्मीं घायल हो गए, जिनका ईलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है.

उपद्रवी अन्नदाताओं द्वारा किये गए हमलें में घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों से आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अस्पताल में मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारें में जानकारी ली..केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिविल लाइन के तीरथराम शाह अस्पताल में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिस कर्मियों से मुलाकात की। इसके बाद अमित शाह ने सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में पुलिस कर्मियों से मुलाकात की।

उपद्रवियों ने दिल्ली समेत लाल किले पर कैसे आतंक मचाया उसका आँखों देखा हाल SHO बलजीत सिंह और DCP संदीप ने बताया है, किसानों के हमले में घायल हुए मोहन गॉर्डन के SHO बलजीत सिंह ने बताया, ‘नजफगढ़ रोड पर हमने बैरिकेड से रास्ता रोका था। किसान प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर नजफगढ़ की तरफ से आए। उन्होंने बैरिकेड तोड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। वे बहुत हिंसक थे और उनके पास हर तरह के हथियार थे। कई ने शराब भी पी थी.

किसानों के हमले में घायल हुए DCP उत्तर के ऑपरेटर संदीप ने बताया, ‘हम लाल किले पर गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर थे। वहां एक उग्र भींड आई और उन्होंने अचानक लाठी-डंडे और जो भी हथियार उनके पास थे उनसे हमला कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि पुलिस को बहुत मशक्कत करनी पड़ी।