अमेरिका में जो घटना आज हो रही है भारत ने उसे 1975 मे ही देखा था इंदिरा गांधी की हार के बाद

6 जनवरी 2021 को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के कुछ समर्थक जबरन अमेरिकी संसद ( कैपिटल हिल ) में जबरन घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की, इस घटना की वजह से पूरी दुनिया में अमेरिका के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ी, भारत में भी दिनभर ये मामला छाया रहा. हालाँकि भारत के लिए ये कोई नया नहीं है, भारत इस घटना को 46 साल पहले 1975 में ही देख चुका है स्व. इंदिरा गाँधी की पराजय के बाद.

जानकारों का मानना है कि हिंसा भड़काने के बाद आपातकाल लगाकार राष्ट्रपति बने रहने की तैयारी में थे चुनाव हार चुके डॉनल्ड ट्रम्प। यही काम चुनाव हारने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री व् कांग्रेस नेत्री स्व. इंदिरा गांधी ने 1975 में किया था आपातकाल लगाकर।

अमेरिकी संसद में उपद्रव उस समय शुरू हुआ जब जो बाइडेन को आधिकारिक रूप से चुनाव में जीत की घोषणा करने की तैयारी कर रहे थे। खैर उपद्रव के बाद डोनॉल्ड ट्रम्प ने बाइडेन को सत्ता हस्तांतरित करने का ऐलान किया। हालाँकि उन्होंने फिर दोहराया कि मैं हारा नहीं हूँ, चुनाव में धांधली हुई है. 20 जनवरी को डोनॉल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति पद से हट जाएंगे।

आपको बता दें कि पत्नी कुर्सी बचानें के लिए इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को देश को आपातकाल की आग में झोंक दिया था। आज के लोग कल्पना भी नहीं कर सकते उस वक्त आपातकाल में कैसा ख़ौफ़ था। जी हाँ! आज से 46 साल पहले लगा ये आपातकाल 25 जून, 1975 से 21 मार्च, 1977 तक यानि 21 महीनों तक देश पर थोपा गया।

ज्ञात हो कि 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी ने अपनी पार्टी को जीत दिलाई थी और खुद भी बड़े बहुमत से जीती थीं। इंदिरा गांधी की जीत पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ रायबरेली लोकसभा सीट से चुनाव चुनाव लड़नें वाले संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के उम्मीदवार राजनारायण अदालत पहुँच गए, अपनी याचिका में राजनारायण ने आरोप लगाया था कि इंदिरा गांधी ने चुनाव जीतने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया है। मामले की सुनवाई हुई और इंदिरा गांधी के चुनाव को निरस्त कर दिया गया। इस फैसले से क्रोधित होकर ही इंदिरा गांधी ने इमर्जेंसी लगाने का फैसला लिया।

कोर्ट के फैसले से इंदिरा गांधी इतना क्रोधित हो गई थीं कि अगले दिन ही उन्होंने बिना कैबिनेट की औपचारिक बैठक के आपातकाल लगाने की अनुशंसा राष्ट्रपति से कर डाली, जिस पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने 25 जून और 26 जून की मध्य रात्रि में ही अपने हस्ताक्षर कर डाले और इस तरह देश में आपातकाल लागू हो गया।

loading...