सिर्फ रोजा और इफ्तार पार्टी देने वाले अब मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं, लोग बोले- यही हैं अच्छे दिन

समय के साथ-साथ भारतीय राजनीति में भी तेजी से परिवर्तन होता जा रहा है, पहले सिर्फ अल्पसंख्यकों को ही महत्त्व देने वाले नेता अब बहुसंख्यकों की तरफ भी ध्यान देने लगे हैं, सिर्फ रोजा और इफ्तार की पार्टी देने वाले नेता अब मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं..नेताओं के बदलते रवैये को देख लोगों का कहना है कि अच्छे दिन यही हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पिछले कई दिनों से न सिर्फ मंदिरों के दौरे कर रहे हैं बल्कि साधू-संतों को भी अपनी पार्टी में शामिल करवा रहे हैं..अखिलेश यादव का बदला-बदला रूप देखकर ट्विटर यूजर आलोक तिवारी ने कहा कि सिर्फ रोजा इफ्तार देने वाली पार्टी के नेता अब मन्दिर मंदिर घूम रहे इसे कहते हैं अच्छे दिन यही है अच्छे दिन….

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, आज कामदगिरि की परिक्रमा और साधु-संतों के आशीर्वाद का परम सौभाग्य मिला। पूर्व सीएम ने कहा कि चित्रकूट-निवासियों ने बताया कि उन्हें 2022 में सपा की सरकार के फिर से आने की प्रतीक्षा है जिससे विकास का काम आगे बढ़ सके क्योंकि जो काम हुआ है वो सपा काल का है। भाजपा सरकार में चित्रकूट को कुछ नहीं मिला।

इससे पहले अखिलेश यादव हाल ही में अयोध्या गए थे, उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अयोध्या के विविध धर्मों के धर्म गुरुओं का स्नेह सानिध्य और आशीर्वाद मिला। सपा के सरकार में आने पर हम अयोध्या नगर निगम के अंतर्गत आनेवाले सभी धार्मिक स्थलों और नागरिकों को ‘कर मुक्त’ करेंगे जिससे प्रदेश में रामराज्य की अवधारणा फलीभूत हो। हम जन कल्याण के सच्चे दीये जलाएँगे!

ज्ञात हों कि अखिलेश यादव उस पार्टी के नेता हैं जो रोजा-इफ्तार को तरजीह देती थी और हिन्दू त्योहारों को नजरअंदाज कर देती थी, ऐसा इसलिए करती थी ताकि मुस्लिम वर्ग खुश रहे और एकमुश्त वोट दे दे, लेकिन अब ऐसा नहीं है, समय के साथ परिवर्तन हो रहा है. इफ्तार पार्टी देने वाले मंदिर घूम रहे हैं।

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