बंगाल: लगता है चुनाव आते-आते पार्टी में अकेली बचेंगी ममता, 3 दिन में 3 TMC विधायकों ने दिया इस्तीफ़ा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ( टीएमसी ) में भगदड़ मच गई है, तीन दिन में तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. पहले दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी से इस्तीफा दिया, उसके बाद विधायक जितेंद्र तिवारी ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। अब टीएमसी विधायक सिलभद्र दत्ता ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

टीएमसी में मची भगदड़ से पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के होश उड़ गए हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ममता बनर्जी ने शुक्रवार ( 18 दिसंबर, 2020 ) को तृणमूल कांग्रेस की आपातकालीन बैठक बुलाई है। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में टीएमसी छोड़ रहे नेताओं के मुद्दे को लेकर बात होगी, इस मामलें पर डिस्कस किया जाएगा कि आखिर लोग टीएमसी क्यों छोड़ रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी विधायक जितेंद्र तिवारी ने गुरुवार ( 17 दिसंबर, 2020 ) को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि कोलकाता में खूब सारा फंड है लेकिन आसनसोल के विकास के लिए फंड नहीं मिलता। अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए तिवारी ने कहा था कि हमें स्मार्ट सिटी से वंचित रखा गया. हमें ठोस कचरा प्रबंधन से भी वंचित रखा गया.

आपको बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सुवेंदु अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया, टीएमसी छोड़ने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने आशंका जताई है कि ममता सरकार उन्हें फर्जी मामलों में फंसा सकती है, यद्यपि उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर मदद मांगी है.

दिसंबर महीनें के आखिरी सप्ताह में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे, सूत्रों के मुताबिक़, अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी और जितेंद्र तिवारी भाजपा में शामिल होंगे। हालाँकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भाजपा नेताओं के बयान से ऐसा ही लग रहा है कि टीएमसी छोड़ने वाले दोनों नेताओं का अगला ठिकाना भाजपा होगी।