सरकार से बातचीत के दौरान Yes or No की तख़्तियाँ लेकर बैठे किसान, जानिए इसका मतलब

तस्वीर साभार - पत्रकार उमाशंकर सिंह ट्विटर

कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों और केंद्र सरकार के बीच आज शनिवार ( 5 दिसंबर, 2020 ) को पांचवे राउंड की बातचीत हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। करीब 6 घंटे चली मैराथन बैठक के बावजूद बातचीत से कोई हल नहीं निकल सका. अब छठे राउंड की वार्ता 9 दिसंबर को होगी। आज बातचीत के दौरान वार्ता टेबल पर किसान Yes or No की तख़्तियाँ लेकर बैठे। किसानों का मानना है कि हमें हाँ या नहीं में जवाब चाहिए। यानि इसका मतलब अगर सरकार कृषि कानून को रद्द करना चाहती है तो हाँ करे और नहीं रद्द करना चाहती है तो न करे.

हालाँकि केंद्र सरकार कृषि कानून को रद्द करने के मुड़ में नहीं दिखाई दे रही है, हाँ! कुछ संसोधन जरूर हो सकता है, वहीं का स्पष्ट कहना है कि हमें कृषि कानून रद्द करने के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है. यानि अगले राउंड मे बातचीत के दौरान कुछ नतीजा निकल जाए ये कहना मुश्किल होगा।

किसानों के साथ बैठक से पहले आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम बैठक बुलाई थी। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पीयूष गोयल भी मौजूद थे। सरकार हर हाल में कोई नहीं न कोई नतीजा निकालना चाहती है ताकि आंदोलन ख़त्म हो सके.

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