SC में बोले हरीश सॉल्वे, किसान आंदोलन की वजह से छिन रहे लोगों के रोजगार, हर दिल्लीवासी परेशान

कृषि कानून के खिलाफ पिछले 22 दिनों से किसानों का दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन जारी है. आज इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में लगातार दूसरे दिन सुनवाई हो रही है. सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे भी शामिल हुए, इस मामलें में हरीश सॉल्वे दिल्ली के एक नागरिक को ओर से पेश हुए थे.

वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि मैं दिल्ली के एक नागरिक के लिए पेश हुआ हूँ। यूपी और हरियाणा को पक्ष बनाया है, चीफ जस्टिस ने सॉल्वे से पूछा आप पर मामले का असर कैसे पड़ रहा है? इसपर अपना पक्ष रखते हुए हरीश सॉल्वे ने कहा कि दिल्ली के हर नागरिक पर असर पड़ रहा है। हर ज़रूरी चीज़ के दाम बढ़ रहे हैं। यह जीवन के अधिकार का हनन है.

इसके बाद चीफ जस्टिस बोबडे ने कहा कि हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम विरोध प्रदर्शन के अधिकार को मान्यता देते हैं। बस यह देखना है कि दूसरों के अधिकार भी बाधित न हों. इसके बाद हरीश साल्वे ने कहा कि बिल्कुल, कोई भी अधिकार अपने आप मे पूर्ण नहीं। उसकी सीमा होती है। दिल्ली के नागरिकों के अधिकार को भी बाधित नहीं किया जा सकता..

साल्वे ने आगे कहा कि आज लोगों का रोजगार छिन रहा है। अपने काम के लिए पड़ोसी शहर में नहीं जा पा रहे, उन्होंने कहा, मैं टैक्स पेयर हूँ। कल को अगर मेरी कार जला दी गई तो कोर्ट सरकार से भरपाई को कहेगा। यानी मेरे टैक्स के पैसों से मुझे भुगतान होगा। नेताओं की पहचान हो ताकि उनसे ही वसूली हो सके.

CJI ने कहा कि हम निष्पक्ष कमिटी बनाना चाहते हैं। इसमें साईंनाथ जैसे कृषि विशेषज्ञ, किसान यूनियन के लोग हों। रिपोर्ट दें। तब तक शांतिपूर्ण विरोध चले। पुलिस भी हिंसा न करे। लेकिन सड़क भी न रोकी जाए. एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल राव ने कहा कि कमिटी के ज़रिए उनकी बात समझ आनी चाहिए। सिर्फ ज़िद सही नहीं कि कानून वापस लो..

स्टोरी साभार – एबीपी न्यूज़ पत्रकार, निपुन सहगल ट्विटर हैंडल