किसान आंदोलन में गोली मारकर आत्महत्या करने वाले संत रामसिंह केस में आई चौंकाने वाली खबर, लोग हैरान

बुधवार ( 16, दिसंबर, 2020 ) को खबर आई कि किसान आंदोलन में संत सिख राम सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली, इस खबर के सामने आने के बाद विपक्ष खासकर कांग्रेस पार्टी हमलावर हो गई. राहुल गांधी ने तो संत सिख राम सिंह को ट्वीट कर श्रद्धांजलि देते हुए यहाँ तक कह दिया कि कई किसान अपने जीवन की आहुति दे चुके हैं। मोदी सरकार की क्रूरता हर हद पार कर चुकी है। ज़िद छोड़ो और तुरंत कृषि विरोधी क़ानून वापस लो!

शुरुवात में जानकारी सामने आई कि संत सिख राम सिंह ने किसानों के समर्थन में गोली मारकर आत्महत्या कर ली, सोशल मीडिया पर उनका सुसाइड नोट भी वायरल हुआ. अब जनतंत्र टीवी ने पुलिस के हवाले से बड़ा खुलासा किया है.

पुलिस के हवाले से जनतंत्र टीवी ने दावा किया है कि जिस पिस्टल से संत सिख राम सिंह ने खुद को गोली मारी है, उसकी अभी तक बरामदगी नहीं की जा सकी है और न ही स्पॉट का पता चल सका है यानि जहाँ उन्होंने खुद को गोली मारी। रिपोर्ट के मुताबिक, संत रामसिह ने एक गाडी में आत्महत्या की थी, उस गाडी को उनके समर्थक खुद ड्राइव कर करनाल ले गए और वह गा़ड़ी अब भी उनके समर्थकों के पास ही है।

पुलिस को घटना की जानकारी तब मिली जब बॉडी को पानीपत के अस्पताल लेकर जाया जा चुका था. इसलिए अब तक घटनास्थल को भी आइडेंटिफाई नही किया जा सका है सिर्फ इतना पता लगा है कि जिस वक्त उन्होंने खुद को गोली मारी उस वक़्त वो अकेले थे.

जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय बाबा राम सिंह हरियाणा के करनाल के रहने वाले थे. बताया जाता है कि हरियाणा और पंजाब के अलावा दुनियाभर में उनके लाखों की संख्या में अनुयायी हैं. वो कई सिख संगठनों में अलग-अलग पदों पर रह चुके हैं. वो सिंगड़ा वाले बाबा जी के नाम से मशहूर थे.

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