आंदोलन में लहराए गए उमर खालिद, शरजील इमाम समेत जेल में सड़ रहे कई दंगाइयों के पोस्टर: वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दंगा करने के आरोप में जेल में सड़ रहे उमर खालिद, शरजील इमाम समेत तमाम उन लोगों के पोस्टर लहराए गए जो या तो दंगा करने के आरोप में जेल में सड़ रहे हैं या अर्बन नक्सली हैं. इस वीडियो को लोग किसान आंदोलन से जोड़कर शेयर कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि कृषि आंदोलन में वामपंथी भी शामिल हो गए हैं.

वीडियो को शेयर करते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा, शरजील इमाम, उमर खालिद, वरवर राव..माशा अल्लाह। बस ‘अफ़ज़ल हम शर्मिंदा’ हैं का नारा रह गया वरना पैकेज कम्प्लीट था। यही वामपंथियों की खासियत है। वो कब आपको हथियार बनाकर अपना एजेंडा आपके ज़रिए चलाने लग जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा। उनके लेटेस्ट शिकार ‘किसान’ हैं। भगवान किसानों की रक्षा करे।

पिछले लगभग 15 दिनों से दिल्ली में कृषि कानून के विरोध में पंजाब के किसान आंदोलन कर रहे हैं, इस आंदोलन में राजनैतिक लोगों की भी इंट्री हो चुकी है, इसी आंदोलन में खालिस्तानी आतंकवादी भिंडरावाले की तस्वीर दिखी, इसी आंदोलन में एक तथाकथित किसान ने खुलेआम कहा, इंदिरा को ठोंक दिया, मोदी को भी..? इसी आंदोलन में पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने हिन्दुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए उन्हें गद्दार बताया। इन्हीं सब बयानों को देखते हुए सोशल मीडिया पर आशंका जताई जाने लगी कहीं ये किसान आंदोलन हाईजैक तो नहीं हो गया, जी हाँ! अब ये शंका सच में तब्दील हो रही है. क्योंकि आज इसी आंदोलन में उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे दंगाइयों के पोस्टर दिखाई दिए.

सरकार का मानना है कि बात अगर किसानों की होती है तो कब का मामला सुलझ चुका होता। यहां खेल कुछ और ही चल रहा है। किसानों के नाम पर कुछ मांग रखी गयी हैं, ये मांगे ऐसी हैं जो किसान आंदोलन से तो बिल्कुल मेल नहीं खाती हैं.

मांग ये रखी गई है कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाय, देश भर में सभी बुद्धिजीवियों, लेखको, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं आदि पर दर्ज सारे मामले वापस लिए जाएं। उन्हें तुरंत जेल से रिहा किया जाए।