UP चुनाव में भाजपा के हाथों चारों खाने चित हो गए थे प्रशांत किशोर, सारी रणनीति धरी की धरी रह गई

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस समय सुर्ख़ियों में हैं, सुर्ख़ियों में रहने का कारण यह है कि दो दिन पहले पूर्व भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल दौरे पे थे, इस दौरान अमित शाह की मौजूदगी में कई टीएमसी विधायक और सांसद भाजपा में शामिल हुए, इसके अगले दिन अमित शाह ने एक किलोमीटर लंबा रोड शो किया, इस रोड शो में जनसैलाब उमड़ पड़ा. अमित शाह के रोड शो में उमड़े जनसैलाब को देखकर ममता बनर्जी के होश उड़ गए हैं, अब लोगों को अपने पक्ष में लाने के लिए उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भाजपा को चैलेन्ज दिया है.

प्रशांत किशोर ने ट्वीट करके कहा कि मीडिया का एक वर्ग बीजेपी के समर्थन में माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, इससे साफ है कि बीजेपी दहाई के आंकड़े के लिए संघर्ष कर रही है। अगर बंगाल में बेहतर प्रदर्शन करती है तो मैं ट्विटर छोड़ दूंगा। अब आइये समझ लेते हैं प्रशांत किशोर का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है।

बात करते हैं 2017 में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की, प्रशांत किशोर समजावादी पार्टी और कांग्रेस के पक्ष में रणनीति तैयार करने आये थे लेकिन भाजपा ने चारों खाने चित कर दिया था, प्रशांत किशोर की सारी रणनीति फेल हो गई थी, 2012 चुनाव में महज 40 सीटें जीतने वाली भाजपा ने 2017 में अपने बलबूते 300 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बना ली…प्रशांत किशोर की एक कम्पनी है पॉलिटिकल ऐक्‍शन कमिटी (IPAC) इसी की टीम के साथ काम करते हैं.

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की रणनीति के आगे प्रशांत किसजोर की की दाल नहीं गली। कांग्रेस राज्‍य में करीब तीन दशक से सत्‍ता से बाहर थी। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का दांव भी काम नहीं आया, बीजेपी अकेले 300 से ज्‍यादा सीटें जीत ले गईं। कांग्रेस के हिस्‍से केवल 7 सीटें आईं। इस तरह से प्रशांत किशोर उत्तर प्रदेश में धराशायी हो गए थे, पोलिटिकल पंडितों का कहना है कि बंगाल में भी प्रशांत किशोर की दाल नहीं गलेगी। क्योंकि ममता बनर्जी अपनी जमीनी बिसात खो चुकी हैं।