19 साल पहले आज ही के दिन आतंकियों ने किया था संसद पर हमला, बाल-बाल बचे थे आडवाणी समेत सैकड़ों सांसद!

19 साल पहले आज ही के दिन आतंकियों ने भारत के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद पर कार्यतापूर्ण हमला किया था, संसद भवन पर हुए आतंकी हमलें की आज 19वीं बरसी है, 13 दिसंबर 2001 की दोपहर भारतीय संसद भवन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में जैश-ए- मोहम्मद के 5 आतंकियों ने नयी दिल्ली स्थित लोकतंत्र के मंदिर को निशाना बनाया।

ये आतंकी हमला तब हुआ जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था और तमाम विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी थी, उसी दौरान पूरा देश अचानक से थर्रा उठा था। दरअसल, जैश-ए-ंमोहम्मद के पांच आतंकवादी पूरी तैयारी के साथ संसद भवन में घुस गए और संसद परिसर में अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इस हमले में 9 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे जबकि पांचों आतंकवादी भी मारे गए।

जब आतंकी हमलें को अंजाम तब दिया गया जब तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी करीब 200 संसद सदस्यों के साथ संसद परिसर में ही मौजूद थे। इसी दौरान संसद परिसर में घुसकर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी।

आतंकवादियों को गृह मंत्रालय और संसद के लेबल वाले स्टीकर गाड़ी पर लगे होने के कारण सबसे अधिक सुरक्षा वाली जगह पर सबसे आसानी से प्रवेश मिल गया और किसी को शक भी नहीं हुआ। लेकिन उनके कदम लोकतंत्र के मंदिर को अपवित्र कर पाते उससे पहले ही सुरक्षा बलों ने उन्हें ढेर कर दिया।

2001 में संसद पर हुए आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी आतंकी मोहम्मद अफज़ल गुरु को 9 फ़रवरी 2013 को सुबह दिल्ली के तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।

सुरक्षाकर्मियों ने आतंकवादियों को चारों तरफ से घेर लिया और आखिरकार एक-एक कर सभी को ढेर कर दिया। इस आतंकवादी हमले में दिल्ली पुलिस के 5 जवानों के अलावा CRPF की एक महिला जवान आतंकियों से बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हो गए। हर साल 13 दिसंबर को इन सुर वीरों को याद कर श्रद्धांजलि दी जाती है।

शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम 2001 में आज के दिन अपनी संसद पर हुए कायरतापूर्ण हमले को कभी नहीं भूलेंगे। हम उन लोगों की वीरता और बलिदान को याद करते हैं जिन्होंने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। भारत हमेशा उनका शुक्रगुजार रहेगा।