बेंगलुरु हिंसा: NIA ने PFI और SDPI के 17 गुर्गों को दबोचा, अबतक 187 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं!

कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात दंगे और आगजनी का भीषण नज़ारा देखने को मिला। 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है।

बेंगलुरु में हुए हिंसा की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA ) का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है, एनआईए ने SDPI और कटटर इस्लामिक संगठन PFI के 17 गुर्गों को गिरफ्तार किया है..NIA अबतक 187 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है जिन्होंने फ़ेसबुक पोस्ट के बाद दंगे किये थे और KG Halli PS पर हमला किया था। गौरतलब है कि दंगाइयों ने विधायक का घर फूंकने के साथ-साथ डीजे हल्ली व् केजी हल्ली पुलिस स्टेशन को भी जलाकर राख कर दिया था।

बेंगलुरु में हुए हिंसा को लेकर सीएम येदियुरप्पा ने कहा था कि हमारी सरकार ने केजी हल्ली और डीजी हल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन करने और दोषियों से लागत वसूलने का फैसला किया है। हम माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएँगे और क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति करेंगे। गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के तहत डीजे हल्ली और केजी हल्ली हिंसक घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।

इससे पहले कांग्रेस नेता संपत राज की बेंगलुरु से गिरफ़्तारी हुई थी, सम्पत पर हिंसक भीड़ को उकसा कर दंगे भड़काने का आरोप है। पिछले दिनों कोरोना के इलाज के दौरान संपत एक निजी अस्पताल में भर्ती होने के बाद फरार हो गए थे। इसके बाद से पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही थी। 13 नवंबर को कर्नाटक हाई कोर्ट ने संपत राज के लिए गैर जमानती वारंट भी जारी किया था।