‘राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन’ ने किया कृषि कानून का समर्थन, फर्जी किसान नेताओं पर कार्यवाही की मांग

पिछले लगभग 19 दिनों से दिल्ली में कृषि कानून के विरोध में पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ किसान आंदोलन कर रहे हैं, किसान संगठन के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच अबतक 6 राउंड की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है, कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों की मांग है कि कृषि कानून रद्द हो, मांग पूरा न होने तक आंदोलन का ऐलान किया है, इन सबके बीच ‘राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन’ ने पत्र लिखकर न सिर्फ कृषि कानून का समर्थन किया है बल्कि फर्जी किसान नेताओं पर कार्यवाही की मांग की है.

‘राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन’ कृषि कानून का समर्थन करने और अन्य 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 18 दिसंबर 2020 से लखनऊ के हजरतगंज में गांधी प्रतिमा के सामने आंदोलन शुरू करेगा।

सोशल मीडिया पर ‘राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन’ का पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें कृषि कानून का समर्थन करने की बात कही गई है, साथ ही 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं. सबसे आखिरी में लिखा गया है कि फर्जी किसान नेताओं की संपत्ति की जांच कर कार्यवाही की जाय तथा इनकी अवैध बिल्डिंगों को गिराकर सरकारी जमीन जमीन खाली कराइ जाय इसके साथ ही इन्हें भू-माफिया घोषित किया जाय. इस पत्र पर रामनिवास यादव के हस्ताक्षर हैं. नीचे आप पूरा पत्र पढ़ सकते हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में किसान संगठन 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, आज तो भूख हड़ताल भी किया, आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि कानून रद्द किया जाय, वहीँ केंद्र सरकार कानून रद्द करने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है. केंद्र सरकार का स्पष्ट कहना है कि कृषि कानून किसानों के हित में है, अगर किसानों को कोई आपत्ति है तो संसोधन के रास्ते खुले हैं. हरियाणा और उत्तराखंड के किसान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलकर कृषि कानून का समर्थन भी कर चुके हैं।