किसान आंदोलन में की गई शरजील, उमर खालिद के रिहाई की मांग, कृषि मंत्री बोले- क्या ये भी किसानों?

कृषि कानून के विरोध में पिछले लगभग 15 दिनों से किसानों का आंदोलन जारी है, इस दौरान भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने उमर खालिद, शरजील इमाम, गौतम नवलखा, सुधा भारद्वाज, वरवरा राव और आनंद तेलतुंबडे समेत कई लोगों की रिहाई की मांग की गई, अब इस पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बयान आया है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने टिकरी बॉर्डर पर शरजील इमाम के पोस्टर का मसला उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि एमएसपी, एएमपीसी और अन्य मुद्दे किसानों से संबंधित हैं, लेकिन ये पोस्टर किसान का मुद्दा कैसे हो सकते हैं. यह खतरनाक है और यूनियनों को इससे खुद को दूर रखना चाहिए. यह सिर्फ मुद्दों को हटाने और विचलित करने के लिए है.

कृषि मंत्री ने कहा कि हम किसानों की समस्याओं पर विचार कर रहे हैं. कई बिंदुओं पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने किसानों से पूछा कि एपीएमसी को सुदृढ़ बनाने के लिए क्या करना चाहिए, इस पर किसानों ने कोई जवाब नहीं दिया, वह चुप हो गए.

बता दें कि पोस्टर-बैनर के जरिये भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने मांग की है कि गिरफ्तार बुद्धिजीवियों और छात्रों को रिहा किया जाए. उल्लेखनीय है कि इनमें से कई लोगों पर संगीन मामलो के तहत केस दर्ज हैं. कुछ तो ऐसे हैं जिन पर UAPA के तहत केस दर्ज है. जिसमें उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोग शामिल हैं।