मोदी सरकार ने किसानों को भेजा प्रस्ताव, MSP पर लिखित गारंटी!

कृषि कानून के खिलाफ पिछले 13 दिनों से दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है, अबतक किसानों और केंद्र सरकार के बीच 5 बार बातचीत हो चुकी है लेकिन बेनतीजा रही. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर 2020 को बातचीत के लिए किसानों को बुलाया। अब सरकार ने किसानों को एक प्रस्ताव भेजा है.

कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार की तरफ से प्रपोजल भेज दिया गया है। किसानों की सबसे बड़ी मांग एमएसपी पर सरकार ने लिखित गारंटी देने का वादा किया। किसान नेता अब बैठक कर सरकार के इस मसौदे पर विचार करेंगे और अपनी रणनीति तय करेंगे। कई दौर की बातचीत रद्द होने के बाद किसानों को यह प्रस्ताव भेजा गया है।

20 पेज के इस प्रस्ताव में किसानों की शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की गई है। एमएसपी पर सबसे ज्यादा विवाद हो रहा था। इसपर केंद्र ने कहा कि MSP व्यवस्था खत्म नहीं हो रही है और सरकार इसपर लिखित आश्वासन देगी। यही नहीं, किसान मौजूदा बिजली दर पर ही भुगतान जारी रख पाएंगे और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसान इसको मानेंगे या आंदोलन जारी रखेंगे।