महबूबा मुफ्ती ने किया संन्यास का ऐलान!

जम्मू कश्मीर में 280 सीटों पर हुए डीडीसी चुनाव में पीडीपी के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को एक ऐसी कसम खाई है, जिसे टूटना लगभग नामुमकिन है। महबूबा ने कहा है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्जा बहाल नहीं हो जाता तब तक वह कोई चुनाव नहीं लड़ेंगी। राजनीति के जानकार लोगों का कहना है कि महबूबा की कसम टूटना नामुमकिन है…क्योंकि जबतक मोदी सरकार है तबतक धारा 370 किसी भी कीमत में बहाल नहीं हो सकती। उसके बाद भी मान लो सत्ता परिवर्तन होता है फिर भी कोई सरकार आसानी से बहाल नहीं कर पाएगी। अतः अब महबूबा मुफ्ती का सन्यास ही माना जाय।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ‘जब विधानसभा चुनावों की बात आती है, तो मैं तब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ूंगी, जब तक कि जम्मू-कश्मीर का अपना संविधान वापस नहीं लाया जाता और धारा 370 बहाल नहीं हो जाती।

आपको बता दें कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि हम तबतक तिरंगा नहीं उठाएंगे, जबतक हमें अपना तिरंगा नहीं मिल जाता। यानि जम्मू कश्मीर में धारा 370 लागू नहीं हो जाती। डीडीसी चुनाव में जम्मू कश्मीर के लोगों ने महबूबा की पार्टी को तगड़ा सबक सिखाकर यह साफ़ कर दिया है कि उन्हें सिर्फ विकास चाहिए। धारा 370 से विशेष मतलब नहीं।

गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश बना दिया। धारा 370 हटने के बाद महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला समेत कश्मीर के मुख्यधारा के कई नेता सालों तक हॉउस अरेस्ट थे. सरकार को आशंका थी कि अगर ये नेता बाहर रहते तो आम कश्मीरियों को भड़काकर दंगा करवा सकते थे. इसी को मद्देनजर रखते हुए इन सब को नजरबंद कर दिया गया था।

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