तानाशाही पर उतरी ममता बनर्जी, बोलीं- गृहमंत्रालय के समन पर डीजीपी दिल्ली नहीं जाएंगे!

गुरुवार ( 10 दिसंबर, 2020 ) को पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर ईंट-पत्थरों से हमला हुआ, भाजपा ने हमले का आरोप सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लगाया है, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए कहा कि गृहमंत्रालय इस पर नजर बनाये हुए है. बाद में गृहमंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक ( डीजीपी ) और मुख्य सचिव को समन भेजकर दिल्ली तलब किया।

समन भेजे जाने के बाद आगबबूला हुई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तानाशाही पर उतर आयी हैं, ममता का कहना है कि गृहमंत्रालय के समन पर डीजीपी और मुख्य सचिव दिल्ली नहीं जाएंगे।

मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें 14 दिसंबर को राज्य के अधिकारियों की मौजूदगी के बिना बैठक करने का अनुरोध करने का निर्देश दिया गया है।

नड्डा के काफिले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कथित समर्थकों द्वारा हमले पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ की रिपोर्ट के बाद राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर स्पष्टीकरण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बंदोपाध्याय और डीजीपी वीरेंद्र को 14 दिसंबर को तलब किया गया है।

नड्डा के काफिले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए बंदोपाध्याय ने कहा कि राज्य पूरी गंभीरता के साथ मुद्दे का समाधान कर रहा है।