कृषि कानून के समर्थन में मध्यप्रदेश के लाखों किसान जल्द ही करेंगे दिल्ली कूच

कृषि कानून के विरोध में पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ किसान संगठन पिछले 25 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं, आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि कृषि कानून किसान विरोधी है, मोदी सरकार इसे फ़ौरन रद्द करे. वहीँ केंद्र सरकार का कहना है कि कृषि कानून किसानों के हित में है. अगर इसके बावजूद कानून में कोई गड़बड़ी हो तो किसान बताएं संसोधन हो सकता है. इन सबके बीच खबर मिल रही है कि कृषि कानून के समर्थन में जल्द ही मध्यप्रदेश के लगभग एक लाख किसान दिल्ली कूच करेंगे, और कृषि कानून बनानें के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहेंगे।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मध्यप्रदेश के लाखों किसान ट्रैक्टर से दिल्ली जानें को तैयार हैं, परमिशन मिलने के बाद दिल्ली रवाना हो जाएंगे।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश में किसान महासम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कृषि कानून को किसानों के हित में बताया था. पीएम मोदी ने किसानों को भरोसा दिलाया कि MSP न बंद होगी, न समाप्त होगी, किसानों के लिए समर्पित है सरकार। भारत की कृषि, भारत का किसान, अब और पिछड़ेपन में नहीं रह सकता। दुनिया के बड़े-बड़े देशों के किसानों को जो आधुनिक सुविधा उपलब्ध है, वो सुविधा भारत के भी किसानों को मिले, इसमें अब और देर नहीं की जा सकती।

आपको बता दें कि इससे पहले कई राज्यों के किसान कृषि मंत्री से मिलकर नए कृषि कानून का समर्थन कर चुके हैं, सोमवार ( 14 दिसंबर, 2020 ) को हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडू, तेलंगाना व अन्य राज्यों के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट कर उन्हें भारत सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कुछ संशोधन के साथ लागू रखने की मांग करते हुए ज्ञापन दिया। यानि जितने किसान अब कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं उससे कहीं ज्यादा अब समर्थन में भी आगे आ रहे हैं।