पीयूष गोयल का बड़ा बयान, किसान नहीं वामपंथियों और माओवादी के हाथों में चला गया है आंदोलन!

कृषि कानून के विरोध में पिछले 16 दिनों से दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है, किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच अबतक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अबतक कोई हल नहीं निकल सका है, प्रदर्शनकारी अब तो आंदोलन की आड़ में शरजील ईमाम, उमर खालिद जैसे गद्दारों की मांग भी करने लगे हैं, इन सबके के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किसान आन्दोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है.

किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अब यह आंदोलन ज्यादातर लेफ्टिस्टों ( वामपंथियों ) और माओवादियों के हाथ में चला गया है। ये वामपंथी दल अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं। गोयल ने किसानों से अपील की है कि वे उनके बहकावे में ना आकर सरकार से बातचीत करें। किसानों के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं और सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

समाचार पत्र नवभारत टाइम्स से खास बातचीत में गोयल ने कहा कि वामपंथी किसानों को भड़का रहे हैं। गोयल ने उस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि क्या सरकार तीनों कृषि कानून वापस लेगी जिसकी किसान मांग कर रही है। गोयल ने साफ कहा कि इस बिल से देश के सभी किसानों को बेहद फायदा पहुंचने वाला है। कुछ थोड़े से लोगों के लिए पूरे देश के किसानों के फायदे का नुकसान नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि जब जब केंद्रीय कृषि मंत्री और किसानों के बीच बातचीत होती थी तो मीटिंग में पीयूष गोयल भी मौजूद रहते थे।