किसानों को मूर्ख बना रहे केजरीवाल, दिल्ली में लागू कर दिया है कृषि कानून, फिर भी कर रहे विरोध

लगभग एक हफ्ते से कृषि कानून के विरोध में किसान दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, पंजाब, हरियाणा और कुछ यूपी के किसान दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं तो कुछ दिल्ली में प्रवेश कर गए हैं. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने न सिर्फ दिल्ली में किसानों को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी बल्कि खुद भी कृषि कानून का खुलकर विरोध करने लगे.

किसानों को भी लगा कि केजरीवाल हमारा समर्थन कर रहे हैं, दरअसल केजरीवाल किसानों का समर्थन नहीं बल्कि उन्हें मूर्ख बना रहे हैं, जी हाँ! जिस कृषि कानून का किसान और केजरीवाल विरोध कर रहे हैं केजरीवाल ने उसे दिल्ली में लागू कर दिया है. अब सवाल यह उठता है कि जब क़ानून को लागू कर दिया है तो फिर विरोध किस बात का.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने 23 नवंबर, 2020 को दिल्ली में कृषि कानून लागू कर दिया, बाकायदा गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया लेकिन अब किसानों को खुश करने के लिए कानून का विरोध करने का ढोंग कर रहे हैं.

अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि एक तरफ किसान सड़कों पे बैठा है, आंदोलन कर रहा है, कृषि कानूनों के खिलाफ है। अरविन्द केजरीवाल भी मान रहा था कि ये काले कानून किसानों के खिलाफ हैं, सिरसा ने आगे कहा कि केजरीवाल के एमपी ( सांसद ) लोकसभा में वोट भी डालते हैं लेकिन कितनी बेशम्री की बात है, कितना बेईमान आदमी है केजरीवाल, दिल्ली में इस ( नए कृषि ) कानून को 23 नवंबर, 2020 को लागू कर दिया। गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि कानून को लागू कर दिया, मंडियों को भी ख़त्म कर दिया और अब किसानों के साथ धोखा कर रहा है, बेईमानी कर रहा है. उन्होंने कहा कि ये ऐसा इंसान है, किसान को पानी पिलायेगा तो उसमें भी जहर डालकर पिलायेगा। गजट नोटिफिकेशन दिखाते हुए सिरसा ने कहा कि केजरीवाल इससे बड़ी बेईमानी तुम क्या कर सकते हो. खुद पहले उन कानूनों को दिल्ली में लागू कर देते हो और किसानों को कहते हो कि कानून बुरे हैं. सिरसा ने ने कहा कि केजरीवाल तुमने किसानों की पीठ में छूरा घोंपा ही तुम्हें किसान और उनका बेटा कभी माफ़ नहीं करेगा।

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