कपिल मिश्रा ने दी केजरीवाल को खुली चुनौती, हिम्मत हो तो कृषि कानून पर कैमरे के सामने कर लो बहस!

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कृषि कानून के विरोध में पिछले 23 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे हैं, इसमें ज्यादातर किसान पंजाब के हैं, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कई पार्टियां किसान आंदोलन का समर्थन कर कृषि कानून को किसान विरोधी बता रही हैं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने तो गुरूवार ( 17 दिसंबर, 2020 ) को सदन का विशेष सत्र बुलाकार कृषि कानून की कॉपी को फाड़ दिया। अब भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कृषि कानून पर बहस करने के लिए केजरीवाल को खुली चुनौती दी है, कपिल मिश्रा का कहना है कि हिम्मत हो तो केजरीवाल कैमरे के सामने कृषि कानून पर डिबेट कर लें.

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी, तीनों किसान बिलों के एक एक क्लॉज, एक एक मुद्दे पर आपको कैमरे के सामने सीधे डिबेट की चुनौती दे रहा हूं, जनता के सामने इन तीनों बिलों पर आपके और मेरे बीच डिबेट। मुझे आशा है आप इस गंभीर मुद्दे पर डिबेट की मेरी चुनौती को स्वीकार करने का साहस करेंगें। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या? केजरीवाल कपिल मिश्रा की चुनौती स्वीकार करते हैं या नहीं।

आपको बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल कृषि बिल के विरोध में गुरुवार ( 17 दिसंबर, 2020 ) को सदन का विशेष सत्र बुलाया था, इस दौरान सदन में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कृषि कानून की कॉपी को फाड़ दिया और केंद्र सरकार से क़ानून वापस लेने की माँग की।

दिलचस्प बात यह है कि जिस कृषि कानून की कॉपी को आज मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सदन में फाड़ा, उसी कानून को दिल्ली सरकार ने 23 नवंबर, 2020 को दिल्ली में लागू किया था, ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि जब सदन में कृषि कानून की कॉपी को फाड़ना ही था तो लागू क्यों किया।

केजरीवाल सरकार ने 23 नवंबर, 2020 को दिल्ली में कृषि कानून को लागू कर दिया, बाकायदा गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया था, उसके बाद जब पंजाब के किसानों ने कृषि कानून के विरोध में आंदोलन शुरू किया तो केजरीवाल किसान हितैषी बन गए हैं।