दिल्ली के “इंडियन किसान यूनियन” ने किया कृषि कनून का समर्थन, कानून वापस न लेने की मांग

पिछले लगभग 1 महीनों से दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानून के विरोध में पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ किसान आंदोलन कर रहे हैं, किसान संगठन के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच अबतक 6 राउंड की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है, कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों की मांग है कि कृषि कानून रद्द हो, मांग पूरा न होने तक आंदोलन का ऐलान किया है, इन सबके बीच कई किसान संगठनों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कृषि कानून का समर्थन किया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि नई दिल्ली के “इंडियन किसान यूनियन” और लखनऊ, उत्तर प्रदेश के “राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन” ने पत्र लिखकर कृषि कानून का समर्थन किया है. कृषि कानून का समर्थन करने वाले किसान संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए तीनों नए कृषि कानून किसानों के हित में हैं..इसलिए किसी के दबाव में आकर ये कानून वापस न लिए जाएँ।

कृषि कानून की तारीफ करते हुए दिल्ली के इंडियन किसान यूनियन ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में जो तीन कृषि कानून लाये गए हैं, यह बहुत ही सराहनीय एवं भारत के किसानों की दशा और दिशा को सुधारने वाले कानून हैं. इसलिए सरकार से आग्रह है कि किसी के दबाव में आकर इस कानून को वापस न लिया जाय.

राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन का कहना है कि भारत सरकार द्वारा लाया गया कृषि कानून किसान हितैषी एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने वाला है, जिसका सभी किसान तहे दिल से स्वागत करते हैं..कृषि कनून का विरोध करने वाले किसान संगठनों पर निशाना साधते हुए अन्नदाता यूनियन ने कहा कि कुछ किसान संगठन विपक्ष की साजिश का शिकार होकर बिल का विरोध कर रहे हैं. ये सही नहीं है।

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