गोरखपुर सीरियल ब्लॉस्ट के दोषी तारिक काजमी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा और 2.15 लाख का जुर्माना

13 साल पहले हुए गोरखपुर सीरियल ब्लास्ट में शामिल मुख्य आरोपी तारिक काजमी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है और 2 लाख 15 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जुर्माना न भरने पर पांच महीनें की सजा अलग से भुगतनी होगी। अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने आतंकी तारिक आजमी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

बता दें कि गोरखपुर के गोलघर में 22 मई, 2007 को शाम 7 बजे तीन अलग-अलग स्थानों पर पांच-पांच मिनट के अंतराल पर ब्लास्ट हुआ था। 7 बजे पहला धमाका जलकल बिल्डिंग के पास लगे ट्रांसफॉर्मर के पास हुआ। दूसरा बलदेव प्लाजा में और तीसरा धमाका गोलघर गणेश होटल के पास हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस को भनक लग गई थी कि इस धमाके के पीछे आतंकी साजिश है, क्योंकि तीनों ब्लास्ट में टिफिन बम का इस्तेमाल किया गया था।

इसके बाद अज्ञात के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच के लिए एसटीएफ को लगाया गया। जाँच के दौरान बम के अवशेष, अभियुक्तों के फोटो स्केच तथा अन्य सबूतों के आधार पर तारिक काजमी का नाम प्रकाश में आया। विवेचक ने अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। उन्‍हीं आरोप पत्रों का अवलोकन करने के पश्‍चात उसे सजा सुनाई गई है।