मुंबई पुलिस ने की ‘कश्मीर फ्री’ का पोस्टर लहराने वाली लड़की के खिलाफ केस बंद करने की मांग

लगभग एक साल पहले दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी ( जेएनयू ) में हुई हिंसा के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर भी हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान महक मिर्जा नाम की एक लड़की ने फ्री कश्मीर के पोस्टर लहराए। इसके बाद पुलिस ने महक पर केस दर्ज कर मामलें की जांच शुरू की.

जाँच करने के बाद अब मुंबई की कोलाबा पुलिस ने एस्प्लेनेड अदालत के समक्ष सी सारांश रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा गया है कि महक के खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं है।

सोमवार को पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की, जिनमें ज्यादातर वकील, कार्यकर्ता, छात्र, कलाकार और शिक्षाविद शामिल थे। इन लोगों पर पांच और छह जनवरी को कथित प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप हैं, जहां CAA-NRC और एनपीआर के खिलाफ नारेबाजी की गई।

महक पर सात जनवरी को आईपीसी की धारा 153 बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, जांच के बाद पुलिस को कोई दुर्भावनापूर्ण उद्देश्य नहीं मिला है। ऐसे में महक को बरी कर दिया जाएगा। पुलिस ने मामले में सी सारांश रिपोर्ट दायर की है और अदालत बाद में इसे स्वीकार या अस्वीकार करने का फैसला करेगी। सी सारांश रिपोर्ट तब दर्ज की जाती है, जब व्यक्ति पर गलती से मामला दर्ज किया जाता है, या फिर उसके खिलाफ गलत शिकायत दर्ज की जाती है।

loading...