फ़्रांस की अदालत ने पाकिस्तानी इमाम को दी 18 महीने की कठोर सजा, फ़्रांस में रहकर किया था गन्दी हरकत

बीतें दिनों फ्रांस में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर एक शिक्षक ने स्कूल में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए तो 20 साल के मुस्लिम सख्श ने शिक्षक सैमुएल पैटी की गला काटकर ह्त्या कर दी. इसके अलावा चर्च में घुसकर अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाते हुए एक सख्श ने तीन लोगों की गला रेतकर ह्त्या कर दी, इसमें एक महिला भी शामिल थी, इस घटना की निंदा करने के बजाय पाकिस्तान ने इसका समर्थन किया था और उलटा फ्रांस पर ही निशाना साधने लगा. अब फ़्रांस ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेना शुरू दिया है.

पाकिस्तान सरकार की तर्ज पर फ्रांस में रहने वाले एक पाकिस्तानी इमाम ने भी इस घटना को लेकर गंदी हरकत की, जिसके बाद फ़्रांसिसी अदालत ने पाकिस्तानी ईमाम को 18 महीनें की कठोर कैद सुनाई।

बात दरअसल यह है कि फ़्रांस में रहने वाले पाकिस्तानी इमाम ने फ्रांस पर हुए आतंकी हमले के समर्थन में टिक टॉक वीडियो बनाया और आतंकी हमलों को जायज ठहराया। इसके बाद फ्रांसीसी अदालत ने 18 महीने के कठोर कारावास की सज़ा सुना कर पाकिस्तानी इमाम को जेल भेज दिया है। ये इमाम वर्ष 2015 में फ्रांस आया था और आते ही जिहादी गतिविधियों में शामिल हो गया था।

इससे पहले फ़्रांस ने अपने देश से 118 पाकिस्तानी मुसलमानों को बाहर भगा दिया, उन सबको पाकिस्तान जाने वाली फ्लाइट्स में बिठा दिया गया, इसके साथ साथ फ़्रांस ने 183 पाकिस्तानी लोगों का वीजा भी रद्द कर दिया है। यही नहीं पाकिस्तान ने मिराज फाइटर जेट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और अगोस्टा 90बी क्लास पनडुब्बियों के अपने बेड़े को अपग्रेड करने में मदद की अपील की थी। फ्रांस ने मदद देने से मना कर दिया।

पाकिस्तान को फ़्रांस के खिलाफ जहर उगलना अब काफी महंगा पड़ रहा है, फ़्रांस की विपक्ष की नेता मरीन ला पेन ने पाकिस्तान पर बैन लगाने की मांग भी सरकार से कर दी है, जानकारी के अनुसार फ़्रांस पाकिस्तान पर बैन भी लगा सकता है जिसके बाद पाकिस्तानी नागरिक फ़्रांस नहीं जा सकेंगे। अगर फ़्रांस ने बैन लगाया तो पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा झटका होगा।