रिलायंस JIO के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे किसान, अडाणी-अंबानी का भी करेंगे बायकॉट

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कृषि कानून के खिलाफ पिछले 13 दिनों से दिल्ली में किसानों का आंदोलन जारी है, अबतक किसानों और केंद्र सरकार के बीच 5 बार बातचीत हो चुकी है लेकिन बेनतीजा रही. कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर डटे किसानों को सरकार की तरफ से प्रपोजल भेज दिया गया है। किसानों की सबसे बड़ी मांग एमएसपी पर सरकार ने लिखित गारंटी देने का वादा किया। हालाँकि किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव खारिज कर दिया है और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.

किसानों संगठनों ने ऐलान किया है कि 14 दिसंबर को देशभर में धरना प्रदर्शन होगा, उससे पहले 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाइवे जाम किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि जबतक कृषि कानून रद्द नहीं हो जाता तक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

किसान नेता ‘रिलायंस जियो’ से खासा नाराज नजर आए। उन्‍होंने कहा कि जियो के सिम पोर्ट कराने के लिए अभियान चलेगा। आंदोलन से जुड़े सभी किसान रिलायंस और अडाणी के सभी उत्‍पादों का बहिष्‍कार करेंगे, इसका ऐलान भी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में हुआ।

सिंघु बॉर्डर पर क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि जो सरकार की तरफ से प्रस्ताव आया है उसे हम पूरी तरह से रद्द करते हैं, वहीँ भारतीय किसान यूनियन के राकेश सिंह टिकैत ने कहा की किसान आंदोलन अब और तेज होगा। हम सरकरर के सामने झुकने वाले नहीं हैं. किसानों ने कहा कि हम भाजपा और भाजपा के मंत्रियों के दफ्तर का घेराव करेंगे।