धान खरीदकर किसानों को नहीं दे रहा था पैसे, नए कृषि कानून के तहत कुर्क की गई व्यापारी की सम्पत्ति

तस्वीर साभार - डेक्कन हेरॉल्ड/ एडिट BY बेस्ट हिंदी न्यूज़

एक तरफ जहाँ पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुछ किसान पिछले 28 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर नए ‘कृषि कानून’ के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं तो वहीँ नए कृषि कानून के तहत अब किसानों को फायदा मिलना भी शुरू हो गया है, जी हाँ! इसका ताजा उदाहरण मध्यप्रदेश के ग्वालियर में देखने को मिला है, जहाँ एक व्यापारी किसान से धान खरीदकर पैसे नहीं दे रहा था, नए कृषि कानून के तहत व्यापारी की संपत्ति कुर्क करके कुछ किसानों को भुगतान किया गया. यह जानकारी ग्वालियर के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने दी है…कलेक्टर ने बताया कि नए कृषि कानूनों के अंतर्गत किसानों को धोखा देने वाले व्यापारी के खिलाफ ग्वालियर में कार्रवाई की गई है।

ग्वालियर के कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि एक व्यापारी ने किसानों से धान खरीदा था परन्तु पैसे नहीं दे रहा था। इसके बाद नए कृषि कानून के तहत व्यापारी की संपत्ति कुर्क करके कुछ किसानों को भुगतान किया गया है। अगर केंद्र सरकार ने कृषि कानून न बनाया होता तो शायद किसान को धान का पैसा न मिल पाता, व्यापारी डकार जाता, लेकिन नया कृषि कानून किसान के लिए हितकारी साबित हुआ.

इससे पहले महाराष्ट्र के किसान जितेंद्र ने बताया था कि उन्हें नए कृषि कानून से फायदा हुआ है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में महाराष्ट्र के धुले ज़िले के रहने वाले जितेंद्र भोइजी द्वारा नए कृषि कानून से लाभ प्राप्त करने के बारे में बताया गया था। किसान जितेंद्र ने भोइजी कहा, मध्य प्रदेश के एक व्यापारी ने मुझसे मक्का खरीदा और पैसे नहीं दिए। नए कृषि कानून के तहत केस दर्ज़ करवाने के बाद मुझे पैसे वापिस मिले।

पिछले दिनों मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने नए कृषि कानून का जिक्र करते हुए कहा कि बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। बरसों से किसानों की जो मांग थी, जिन मांगों को पूरा करने के लिए किसी न किसी समय में हर राजनीतिक दल ने उनसे वायदा किया था, वो मांग पूरी हुई हैं।