सदन बुलाकार कृषि कानून रद्द करे सरकार, किसान नेताओं की इस मांग पर केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब!

केंद्र सरकार द्वारा लाये गए नए कानून के खिलाफ पिछले सात दिनों से दिल्ली में किसानों का प्रदर्शन जारी है, किसानों और केंद्र सरकार के बीच कई राउंड बातचीत हुई जो बेनतीजा रही। किसान मांग कर रहे हैं कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकार कृषि कानून को रद्द करे क्योंकि ये किसान विरोधी है।

दिल्ली-सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के एक संगठन ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जान बूझकर हमारे नेता को बैठक में नहीं बुलाया. क्रांतिकारी किसान यूनियन और कुछ और किसानों ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार किसानों के बीच फूट डालना चाहती है. किसानों ने 5 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

कृषि कानूनों को लेकर सरकार और प्रदर्शनरत किसानों में खींचतान जारी है. सरकार का कहना है कि किसानों के आंदोलन से आम जनता को परेशानी हो रही है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसानों की परेशानियों पर बिंदुवार तरीके से चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि किसानों की तरफ से जो विषय आएगा उसपर चर्चा की जाएगी इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर को यूनियन के लोग आएंगे वह इन बिंदुओं पर चर्चा करेंगे.

केंद्रीय कृषि मंत्री मंत्री ने कहा कि किसानों के आंदोलन से दिल्ली के लोगों को परेशानी हो रही है. मैं दिल्ली के लोगों से आग्रह करता हूं कि संयम रखें. किसान भाइयों से अनुरोध है कि चर्चा से जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद किसान बिल आए, ये बिल किसानों के हित में हैं. आपके आंदोलन से जानता को तकलीफ हो रही है.