रोड जाम करके बैठे आंदोलनकारी किसानों के लिए की गयी पिकनिक टेंट की व्यवस्था, ठंड से मिलेगी राहत

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दिल्ली, 16 दिसंबर: कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में जगह जगह रोड जाम करके खुले आसमान के नीचे बैठे आंदोलनकारी किसानों के लिए राहत की खबर है, अब तक कुछ आंदोलनकारी खुले आसमान के नीचे बैठकर रोड जाम कर रहे थे लेकिन अब उनके लिए पिकनिक टेंट की व्यवस्था की गयी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे टेंट को पिकनिक टेंट इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब लोग पिकनिक बनाने या बाहर घूमने जाते हैं तो पहले से ऐसे टेंट की व्यवस्था करके जाते हैं ताकि खुले आसमान में नीचे बैठने या लेटने पर इसका इस्तेमाल कर सकें, लेकिन अब किसान भी इस टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि मजबूरीवश ये लोग भी कई दिनों से खुले आसमान के नीचे बैठे हैं.

इस व्यवस्था ने आंदोलनकारी किसानों को कड़कती ठंड से राहत मिलेगी, बिस्तर और कम्बल का इंतजाम पहले से ही था लेकिन टेंट के इंतजाम से अब धरना देने में मुश्किल नहीं आएगी, भोजन पानी की व्यवस्था 6 महींने के लिए पहले ही की गयी है इसलिए आंदोलनकारी किसानों को भूखा भी नहीं रहना पड़ेगा।

इससे पहले ठण्ड और महामारी की वजह से करीब 15 आंदोलनकारी किसानों की जान गयी है, पहले किसी को पता नहीं था क़ि आंदोलन लंबा खींचेगा लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि एक दो महीनें रोड पर बैठना पड़ सकता है इसलिए सभी तरह के इंतजाम किये जा रहे हैं.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आंदोलनकारी किसानों ने दिल्ली के पांच मुख्य रास्तों को जाम करने की चेतावनी दी थी, अब तक शिंभू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर, गाजियाबाद बॉर्डर को जाम किया जा चुका है, सिर्फ फरीदाबाद बॉर्डर खुला हुआ है.

किसानों का प्लान दिल्ली को पूरी तरह से बंधक बनाने की है, अगर पाँचों रास्ते जाम हो जाएंगे तो दिल्ली वालों का दाना पानी बंद हो जाएगा और आर्थिक हालत खस्ता हो जाएगी, किसान सोच रहे हैं कि दिल्ली को बंधक बनाने के बाद केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर हो जाएगी।