मोदी सरकार ने ढूढ़ निकाला जुगाड़, अब तो कागज दिखाना ही होगा, बिना कागज दिखाए नहीं मिलेगी वैक्सीन!

पिछले साल जब मोदी सरकार ने नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) को संसद के दोनों सदनों से पास करवाया था तो मुस्लिमों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था, इसके बाद मोदी कैबिनेट ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर ( एनपीआर ) की भी मंजूरी दे दी, इसके बाद तो विरोधी और आगबबूला हो गए और चिल्ला-चिल्लाकर कहने लगे, हम कागज नहीं दिखाएँगे। गौरतलब है कि NPR जनगणना की तरह है। फिर भी कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने आपत्ति जाहिर की. इसके विरोध में बाकायदा कई महीनों तक आंदोलन भी किया गया.

हालाँकि अब मोदी सरकार ने जुगाड़ ढूढ़ निकाला है और सब लोगों को कागज दिखाना ही होगा, जो कागज नहीं दिखाएँगे उनके लिए बड़ा खतरा भी साबित हो सकता है. गौरतलब है कि पिछले लगभग एक साल से देश-दुनिया में कोरोना वायरस कहर बरपा रहा है. अब जाकर कहीं वैज्ञानिकों को कोरोना के खात्में की वैक्सीन बनाने में सफलता मिली है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भारत ने भी वैक्सीन बना ली है और अब इसे लोगों को दी जानें की तैयारी की जा रही है, खबर है कि पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जायेगी। हालाँकि इतनी आसानी से वैक्सीन नहीं मिलेगी जितना आप समझ रहे हैं. वैक्सीन लेने के लिए आपको कागज दिखाना होगा।

मिली जानकारी के मुताबिक़, भारत में पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जायेगी, जो वैक्सीन लेगा उसे फोटो और आईडी देना होगा, बिना ये प्रक्रिया पूरे करे वैक्सीन मिलना संभव नहीं है. मतलब अब वो लोग भी कागज दिखाएँगे जो कहते थे हम कागज नहीं दिखाएँगे, चाहे जो हो जाए।

भगवान न करें किसी को कोरोना हो जाय, अगर हो भी जाएगा तो उसके लिए वैक्सीन जरूरी है और वैक्सीन तभी मिलेगी जब कागज रहेगा। कागज न रहने पर वैक्सीन नहीं मिलेगी। इस तरह से जो CAA-NPR के विरोध में कागज न दिखाने का दम्भ भर रहे थे अब अगर जरूरत पड़ी तो वो भी कागज दिखाकर वैक्सीन लेंगे। क्योंकि यहाँ जिंदगी का सवाल है।